Posted in

मार्केटिंग मैनेजर की चूत चुदाई कि कहाणी

सभी चूतों को मेरे लंड का नमस्ते, मैं टॉप सेक्स कहाणी का पुराना पाठक हूँ और 4-5 साल से अपनी हिन्दी सेक्सी कहानी लिखना चाहता था, पर समय नहीं मिल पा रहा था. मैं 30 साल का अविवाहित युवक हूँ और कानपुर, उत्तर प्रदेश में रहता हूँ. मैं 5 फुट 7 इंच का साधारण कद-काठी वाला इंसान हूँ. अभी मैं अपना व्यवसाय करता हूँ. यह कहानी तब शुरू हुई, जब मैंने 2009 में पुणे की एक कंपनी में नौकरी शुरू की थी.

दोस्तो, मैं लिखने में थोड़ा आलसी हूँ, तो अगर कहानी में कोई गलती हो जाए, माफ करना. लेकिन ये सेक्स कहानी पूरी तरह सच्ची है.

2009 में मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, जो दूसरे धर्म की थी. जून में उसके भाइयों ने उसकी शादी कर दी, क्योंकि उन्हें हमारे रिश्ते का पता चल गया था. इस कारण मैं दो महीने तक डिप्रेशन में रहा. फिर मैंने सोचा कि मैं खुद को नुकसान पहुँचा रहा हूँ, इसलिए मैंने पुणे की एक कंपनी में एरिया मैनेजर की नौकरी ज्वाइन कर ली.

इस कंपनी में मेरी रिपोर्टिंग स्टेट हेड, एक महिला, को थी. उसकी उम्र 39 साल थी, और उसका नाम रिया (काल्पनिक) था. मेरी रिया से कोई मुलाकात नहीं हुई थी; मुझे कंपनी के एचआर ने ज्वाइन करवाया था. चूंकि मैं सेल्स में था, मेरा काम फील्ड पर था, और मुझे रोज़ाना ईमेल से रिपोर्टिंग देनी होती थी. दिन में रिया मैम मुझे 2-3 बार फोन करके अपडेट लेती थीं.

जब रिया मैम दिन में फोन करती थीं, तो कभी-कभी मैं उदास रहता था. वो पूछती थीं कि तुम इतने दुखी क्यों हो. मैं अपनी गर्लफ्रेंड को भूल नहीं पा रहा था, इसलिए कभी-कभी रो पड़ता था. एक दिन उनके बार-बार पूछने पर मैंने सब बता दिया. उनके कहने पर मैंने अपनी गर्लफ्रेंड का नंबर और फोटो भी ईमेल कर दी.

अब जब भी रिया मैम का फोन आता, ज्यादातर बातें गर्लफ्रेंड के बारे में ही होती थीं, और वो मुझे समझाती थीं. रिया को मुझसे सहानुभूति हो गई थी. उन्होंने मुझे अपना पर्सनल नंबर दे दिया और कहा कि मैं कभी भी कॉल कर सकता हूँ.

ऑफिस से छुट्टी के बाद रिया मैम घर जाने के लिए लोकल बस में बैठतीं और 40-45 मिनट तक मुझसे बात करतीं, जब तक उनका स्टॉप नहीं आता. वो रात 9 बजे के आसपास, जब उनके पति नहाने जाते, 5-7 मिनट के लिए भी कॉल करती थीं.

ये कहानी भी पढ़िए :  बहन की चुदाई दोस्त से कराई

हम दोनों में ढेर सारी बातें होती थीं, लेकिन किसी ने किसी को प्रपोज नहीं किया था.

रिया मैम के पति सरकारी नौकरी में थे और सुबह 6 बजे ड्यूटी पर चले जाते थे. उनके जाने के बाद रिया मैम मुझसे एक घंटा फोन पर बात करती थीं.

एक दिन सुबह बात करते वक्त रिया मैम ने पूछा- तुमने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स नहीं किया? मैंने कहा- नहीं, सिर्फ फोन पर किया है. ये सुनकर रिया मैम हैरान होकर बोलीं- फोन पर ये सब कैसे होता है? अगर होता है, तो आज मेरे साथ भी कर लो, लेकिन वादा करो कि तुम अपनी गर्लफ्रेंड को याद करके नहीं रोओगे. मैं तुम्हें खुश देखना चाहती हूँ.

ये सुनकर मैं खुशी से झूम उठा और रिया के साथ फोन सेक्स चैट शुरू कर दी. 25-30 मिनट में मैंने रिया को इतना उत्तेजित कर दिया कि उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया. रिया बहुत खुश थीं और हैरान भी कि फोन पर भी सेक्स हो सकता है.

अब रिया मैम घर से ऑफिस के लिए निकलते ही मुझे फोन करतीं और ऑफिस पहुँचने तक बात चलती. छुट्टी के बाद भी ये सिलसिला जारी रहता. ये रोज का रूटीन बन गया. चार-पाँच महीने बाद मेरा कंपनी के एमडी से कमीशन को लेकर झगड़ा हो गया, और मैंने नौकरी छोड़ दी, लेकिन रिया मैम से बातचीत जारी रही.

रिया मैम अब मुझसे मिलने की जिद करने लगीं- तुम जल्दी पुणे आओ और मुझसे मिलो. मैं टालता रहा. कुछ दिन बाद उनके पति का 10 दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम तय हो गया. रिया मैम ने बताया- मेरे हसबैंड 10 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं, ये अच्छा मौका है, तुम आ जाओ.

मुझे लगा कि ऐसा मौका बार-बार नहीं मिलेगा. मैडम की चूत तो पक्की थी. मैंने ट्रैवल एजेंट से स्लीपर टिकट बुक करवाया और तय समय पर ट्रेन पुणे पहुँच गई.

मैं पहली बार पुणे गया था. रिया मैम मुझे रिसीव करने ऑफिस से सीधे रेलवे स्टेशन आई थीं. हमने एक-दूसरे को नहीं देखा था, लेकिन मोबाइल की वजह से पहचानने में कोई दिक्कत नहीं हुई. स्टेशन से हमने टैक्सी ली और रिया मैम के घर पहुँच गए. उनके दोनों बच्चे कोचिंग गए थे, ये मुझे नहीं पता था.

पानी पीने के बाद मैं खड़ा था कि रिया मैम ने अचानक मेरे होंठों पर किस शुरू कर दिया. थोड़ा संभलकर मैंने भी साथ देना शुरू किया, लेकिन दो मिनट बाद हम अलग हो गए. उस शाम उनके बच्चे खाना खाकर सो गए, लेकिन हम पूरी रात सिर्फ बातें करते रहे. सुबह सोए.

ये कहानी भी पढ़िए :  किरायेदार बहन, भाग 2

अगले दिन रिया मैम ने छुट्टी ले रखी थी. उनके बच्चे स्कूल चले गए. रिया किचन में कुछ बना रही थीं, एक पतला होजरी का गाउन पहने हुए, जो ढीला-ढाला था. मैंने पीछे से उन्हें पकड़ लिया, अपना लंड उनकी गांड की दरार में रगड़ा और उनकी चूचियाँ मसलने लगा. रिया ने मुस्कुराकर पीछे देखा और बोली- इतने बेचैन हो रहे हो?

मैंने कहा- मैडम, यहाँ आए 14 घंटे हो गए, और अभी तक कुछ नहीं हुआ. फिर भी कहती हो बेचैन? मेरा सब्र और कितना परखोगी? रिया ने मेरे गाल थपथपाते हुए कहा- चलो, बेडरूम चलते हैं.

मैं रिया को बेडरूम ले गया. मैंने उनके होंठ चूसना शुरू किया. 3-4 मिनट बाद मैंने उनका गाउन उतारा. उनके 32 साइज की चूचियाँ देखकर हैरान रह गया कि दो बच्चों की माँ का फिगर इतना मस्त. मैंने उनकी ब्रा उतारी और चूचियों पर किस शुरू कर दिया. दोस्तो, रिया की चूचियाँ चूसते हुए मैं सब भूल गया, जैसे सालों का प्यासा हूँ. रिया अब सिर्फ पैंटी में थी.

उनकी चूचियाँ चूसते हुए मैंने एक हाथ उनकी पैंटी में डाला और चूत में उंगली करने लगा. उनकी चूत क्लीन शेव, चिकनी थी, जैसे मक्खन पर हाथ फिसल रहा हो.

color and big small free prediction tool hack

रिया बोली- अपना लंड भी दिखाओ ना. मैंने लोअर नीचे करते हुए कहा- खुद निकाल लो. रिया ने मेरी चड्डी सरकाकर लंड बाहर निकाला. मेरा लंड देखकर वो खुश हो गई और बोली- ये तो मेरे पति जैसा ही है, इतना लंबा और मोटा!

रिया ने मेरे लंड को अपने नाजुक हाथों से पकड़कर आगे-पीछे करना शुरू किया. मुझे बहुत मजा आ रहा था. थोड़ी देर बाद मैंने उनकी पैंटी उतारी और उन्हें बेड पर लिटा दिया. पूरी नंगी रिया मेरे सामने थी. मेरा लंड उनके चिकने बदन को देखकर सलामी दे रहा था. रिया ने उसे फिर पकड़ लिया और बोली- ये तो बहुत उतावला हो रहा है. मैंने कहा- इसका निशाना सामने दिख रहा है. रिया बोली- तो देर किस बात की, आ जाओ! मैंने कहा- इतनी जल्दी नहीं, अभी तो बहुत कुछ बाकी है.

मैंने पूछा- घर में शहद है? रिया बोली- फ्रिज में है, ले आओ. मैं रसोई से शहद लाया. मैंने थोड़ा शहद उनकी नाभि पर डाला और चाटने लगा, फिर उनकी चूचियों और बगल में डालकर चाटा.

ये कहानी भी पढ़िए :  प्यासी बहन की चुदाई की कहानी-1

जब मैंने शहद उनकी जाँघों और चूत के आसपास डाला और जीभ घुमाई, तो रिया का शरीर काँपने लगा. वो उत्तेजना में कुछ बोल नहीं पा रही थीं. मैं उनकी जाँघों और चूत के आसपास बड़ी तन्मयता से चाट रहा था और चूचियाँ दबा रहा था. फिर मैंने थोड़ा शहद उनकी चूत की दरार में टपकाया और जीभ से चूटी. रिया की चीख निकल गई, और ढेर सारा चूतामृत निकल आया, जिसे मैंने शहद के साथ चाट लिया.

रिया बेचैन हो गईं, बोलीं- बस, अब बहुत खेल लिया, अपने शेर को मेरी गुफा में डाल दो. मैंने उनकी तड़प समझी और शर्ट उतार दी. लोअर और चड्डी पहले ही उतर चुकी थी. मैंने बनियान नहीं पहनी थी. पूरा नंगा मैं रिया के नंगे बदन पर चढ़ गया. मेरा लंड उनकी चूत पर दस्तक दे रहा था. मैंने जल्दबाजी नहीं की, उनके होंठ चूसने लगा, जीभ उनके मुँह में डाली. रिया मेरी जीभ चूसने लगीं. लेकिन उनकी चुदाई की बेचैनी बढ़ रही थी, तो वो खुद मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत पर सेट करने लगीं.

मैंने रिया से जाँघें चौड़ी करने को कहा. उन्होंने पैर फैलाकर चूत का छेद मेरे लंड के निशाने पर सेट किया. उन्होंने चूतड़ उचकाए, लेकिन लंड ऐसे नहीं घुसा. मैंने ऊपर से एक झटका मारा, तो गीली चूत में मेरा लंड मक्खन में गर्म छुरी की तरह घुस गया. रिया के मुँह से निकला- उम्म्ह… अहह… हय… ओह…

इसके बाद रिया की चूत की जबरदस्त चुदाई हुई, लेकिन दोस्तो, अब इससे ज्यादा नहीं लिख सकता, क्योंकि मेरा लंड महाराज जोश में आ गए हैं, और इन्हें शांत करना जरूरी है.

https://t.me/hothindikahani

19 views